चरण भजनावली Charan Bhajanavali

उनकी रचनाएँ, हमारी विरासत।

His words, our heritage.

ज्योति से ज्योति, जलाते चलो।।

भजन ‘शिव शिव निशदिन गाते चलो’ से · from “Shiv Shiv Nishdin Gaate Chalo”

Bhajans

भजन

हर भजन के साथ पूरे बोल, जैसे उन्होंने लिखे। Every bhajan with its full lyrics, as he wrote them.

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भजन १ · Bhajan 1

आना हो भोले नाथ

Aana Ho Bhole Nath

शिव भजन · संग्रह अर्धनारीश्वरम् (2010)

रचना: स्व० पं० देवी चरण पाण्डेय 'चरण'
नई संगीत प्रस्तुति: Kernel & Chai

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आना आना हो भोले नाथ,
हमारे शिव किर्तन में।

आप भी आना गौरी को लाना,
नन्दी पे होके सवार।
हमारे शिव किर्तन में।

आप भी आना गणपति को लाना,
चूहे पे होके सवार।
हमारे शिव किर्तन में।

आप भी आना कुमार को लाना,
मोर उड़े चहुँ द्वार।
हमारे शिव किर्तन में।

नन्दी को लाना भृंगी को लाना,
मुंडों की पहन के हार।
हमारे शिव किर्तन में।

गंगा को लाना, चन्दा को लाना,
डमरू पे मोहे संसार।
हमारे शिव किर्तन में।

बाघम्बर लाना दिगम्बर आना,
भंग धतूरा अपार।
हमारे शिव किर्तन में।

श्रृंगी भी लाना त्रिशूल भी लाना,
गूँज उठे मंदिर पहार।
हमारे शिव किर्तन में।

कैलाश भी लाना बरगद भी लाना,
भोला नटवर हमार।
हमारे शिव किर्तन में।

भैरव को लाना भूत भी लाना,
चूमे ‘चरन’ रसधार।
हमारे शिव किर्तन में।

आना आना हो भोले नाथ,
हमारे शिव किर्तन में।

झील के किनारे शिव और गौरी का चित्र। Painting of Shiva and Gauri by a mountain lake. जल्द आ रहा है · Coming soon

भजन २ · Bhajan 2

शिव शिव निशदिन गाते चलो

Shiv Shiv Nishdin Gaate Chalo

शिव भजन · जल्द आ रहा है · coming soon

रचना: स्व० पं० देवी चरण पाण्डेय 'चरण'
नई संगीत प्रस्तुति: Kernel & Chai

पूरे बोल पढ़ें · Read the lyricsबोल छिपाएँ · Hide the lyrics

शिव शिव निशदिन गाते चलो।
ज्योति से ज्योति, जलाते चलो।।

शिव का रूप, अनोखा निर्मल।
गौरा जिसमें झलकें, परिमल।।
शिव शिव नेह, लगाते चलो।।

शिव शिव निशदिन गाते चलो।
ज्योति से ज्योति, जलाते चलो।।

दया के सागर हैं, शिव भोला।
सफल करो, मानुष का चोला।।
‘चरन’ की धूल, सजाते चलो।।

शिव शिव निशदिन गाते चलो।
ज्योति से ज्योति, जलाते चलो।।

शिव शिव निशदिन गाते चलो।
ज्योति से ज्योति, जलाते चलो।।

About the poet

कवि परिचय

पं० देवी चरण पाण्डेय जी का चित्र। Portrait of Pandit Devi Charan Pandey.
स्व० पं० देवी चरण पाण्डेय 'चरण'
नाम
देवी चरण पाण्डेय
उपनाम
'चरण'
जन्म
1936
व्यवसाय
हिन्दी शिक्षक, राजकीय इण्टर कॉलेज, मीरजापुर

स्व० पं० देवी चरण पाण्डेय 'चरण' उपनाम से भजन और कविताएँ लिखते रहे। अपने भजनों की अंतिम पंक्ति में वे स्वयं को ‘चरन’ कहते हैं। उनके नौ भजन-संग्रह प्रकाशित हुए। यह परिवार का प्रयास है कि उनकी रचनाएँ नई संगीत प्रस्तुति में सँजोई जाएँ और अगली पीढ़ी तक पहुँचें।

Pandit Devi Charan Pandey, who wrote under the pen name ‘Charan’, was born in 1936 and taught Hindi at the Government Inter College in Mirzapur. Nine collections of his bhajans and poems were published. His family now shares these bhajans in new musical arrangements, so that his words and his devotion reach the next generation.

प्रकाशित संग्रह Nine published collections

  1. एकता के चरण
  2. चरणामृत
  3. स्वर भारती
  4. त्रिवेणी तरंग
  5. विन्ध्यवंदिनी
  6. संगम सुधा (पंचशती)
  7. माधव माधुरी
  8. गंगा लहरी
  9. अर्धनारीश्वरम्

‘आना हो भोले नाथ’ संग्रह अर्धनारीश्वरम् (2010) से है। “Aana Ho Bhole Nath” is from Ardhanarishwaram (2010).

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उनके संग्रहों से और भजन आ रहे हैं। More bhajans from his collections are on the way.

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